Pakistan में बहुत दिनों से नहीं हुआ था प्रयोग, टेस्ट करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर इस्तेमाल किये गये आंसू गैस के गोले

BY – FIRE TIMES TEAM

हम जब भी टियर-गैस की बात सुनते हैं तो हमारे दिमाग में एक भीड़ की  तस्वीर उभर कर सामने आती है, जिसे तितर-बितर करने के लिए पुलिस आंसू गैस का इस्तेमाल करती है।

लेकिन पाकिस्तान में एक ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया है जहां इमरान खान के एक मंत्री ने एक विवादित बयान दिया कि टियर गैस सिर्फ इसलिए इस्तेमाल हुआ क्योंकि उसका प्रयोग काफी दिनों से हुआ नहीं था। जिसे प्रदर्शनकारियों पर टेस्ट किया गया था।

दरअसल, इस समय पाकिस्‍तान में लगातार सरकार विरोधी प्रदर्शनों की संख्‍या बढ़ती जा रही है। पहले पाकिस्‍तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट की रैलियां और अब सरकारी कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं।

वहीं पाकिस्‍तान के आंतरिक मंत्री शेख राशिद अहमद ने इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोलों को लेकर बेहुदा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि ये गोले काफी समय से इस्‍तेमाल नहीं किए गए थे, लिहाजा ये जरूरी था कि इन्‍हें टेस्‍ट किया जाए।

पाकिस्‍तान के अखबार द डॉन के मुताबिक रावलपिंडी में एक समारोह के दौरान उन्‍होंने कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर काफी कम संख्‍या में इनका इस्‍तेमाल किया गया, ज्‍यादा नहीं किया गया।

खबर के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों की ये रैली शनिवार को हुई थी जिसमें विरोध करने वाले लोगों को तितर-बितर करने के लिए उनके ऊपर करीब 1 हजार आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे।

प्रदर्शनकारी सरकार से अपनी सैलरी में मंहगाई के मुताबिक इजाफा करने की मांग कर रहे थे। ये प्रदर्शन ऑल गवर्मेंट एंप्‍लॉइज ग्रांड एलाइंस के नेतृत्‍व में किया गया था।

उनका कहना था कि वो तब तक सचिवालय के बाहर बैठे रहेंगे जब तक सरकार इस पर सही फैसला नहीं ले लेती है। इन प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। हालांकि बाद में सरकार ने इनकी मांगों को मान लिया।

पाकिस्‍तान के आंतरिक मंत्री राशिद, जो खुद भी उस कमेटी का हिस्‍सा थे जिन्‍होंने इन प्रदर्शनकारियों की मांग को माना है ने कहा कि असल में दिक्‍कत आंसू गैस के गोले छोड़े जाना नहीं था बल्कि सैलरी में इजाफे की थी।

ऐसे समय में जब देश के आर्थिक हालात खराब हैं और मंहगाई दर काफी अधिक तो सैलरी बढ़ाने से सरकारी खजाने पर काफी बोझ पड़ेगा।

 

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