‘पर्यावरण विनाश’ को रोकने के लिए केंद्र सरकार को EIA 2020 वापस लेना चाहिए

BY- FIRE TIMES TEAM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मसौदा पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) को लेकर केंद्र पर अपना हमला करते हुए कहा कि इसे “पर्यावरण विनाश” को रोकने के लिए वापस लेना होगा।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि EIA 2020 के मसौदे का उद्देश्य स्पष्ट रूप से राष्ट्र को लूटना है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह (EIA) देश के संसाधनों को लूटने वाले अपने चुनिंदा सूट-बूट मित्रों के लिए भाजपा सरकार जो कर रही है, इसका एक और भयानक उदाहरण है।

उन्होंने ट्वीट किया, “EIA2020 ड्राफ़्ट का मक़सद साफ़ है – #LootOfTheNationय ह एक और ख़ौफ़नाक उदाहरण है कि भाजपा सरकार देश के संसाधन लूटने वाले चुनिंदा सूट-बूट के ‘मित्रों’ के लिए क्या-क्या करती आ रही है।”

मसौदा EIA अधिसूचना, जिसमें विभिन्न परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी जारी करने की प्रक्रिया शामिल है, मार्च में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी और सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित किए गए थे।

पर्यावरण मंत्रालय ने पहले कहा था कि वह लोगों को सुझाव और राय देने की समय सीमा 30 जून से आगे नहीं बढ़ाएगा, लेकिन बाद में उसने 12 अगस्त तक का समय दिया।

रविवार को, गांधी ने लोगों से नए EIA 2020 मसौदे का विरोध करने का आग्रह किया था, यह कहते हुए कि यह “खतरनाक” है और, अगर अधिसूचित किया गया, तो आने वाले समय में परिणाम “विनाशकारी” होंगे।

हैशटैग ‘WithdrawEIA2020’ का उपयोग करते हुए एक फेसबुक पोस्ट में, गांधी ने सरकार को EIA, 2020, ड्राफ्ट पर यह कहा कि यह न केवल “अपमानजनक” है, बल्कि “खतरनाक” है।

उन्होंने कहा, “EIA 2020 न केवल हमारे पर्यावरण की रक्षा के लिए युद्ध में वर्षों से जीते गए कई कठिन संघर्षों को उलट देगा बल्कि, यह संभवतः पूरे भारत में व्यापक पर्यावरण विनाश और तबाही ला सकता है।”

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