प्रतीकात्मक फोटोः ट्विटर

यूपीः योगी सरकार जल्द लाने जा रही है नया किरायेदार कानून, जानें क्या होगा बदलाव

BY – FIRE TIMES TEAM

अब उतर प्रदेश में किरायेदारों से लेकर मकान मालिकों को कानूनी संरक्षण मिलेगा। मकान मालिक न तो मनमाने तरीके से किराया बढ़ा सकेंगे और न ही किरायेदार बिना भुगतान रह सकेंगे।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक नया कानून बनाकर मकान मालिक और किराएदार दोनों का हित सुरक्षित करने जा रही है। प्रदेश में जल्द ही बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख पाएगा। इतना ही नहीं, उसे इसकी जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी।

आपको बता दें कि राज्य सरकार ‘उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश’ लाने जा रही है. आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है।

नए कानून के प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने किया जा चुका है और इसे सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। किराएदारी कानून के लागू हो जाने के साथ प्रदेश में सरकार एक किराया प्राधिकरण का गठन भी करेगी।

कानून बनने के बाद किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा। केंद्र, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के उपक्रम, स्थानीय निकाय अथवा छावनी परिषद में यह कानून लागू नहीं होगा।

कानून लागू होने के बाद मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया भी नहीं बढ़ा पाएंगे। आवासीय पर 5% और गैर-आवासीय पर 7% सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा। किराएदार के लिए नियम होगा कि उसे रहने वाले स्थल की देखभाल करनी होगी। अगर वह दो माह किराया नहीं दे पाएगा तो मकान मालिक उसे हटा सकेगा। किराएदार घर में बिना पूछे तोड़फोड़ भी नहीं कर पाएगा।

अभी प्रदेश में मकान मालिक व किराएदार के बीच होने वाले अनुबंध में ज्यादातर में सालाना 10 फीसदी किराया बढ़ाने की शर्त रखी जाती है। अब किराएदारों को साल दर साल बढऩे वाले मनमाने किराए से निजात मिलेगी।

कानून में प्रावधान होगा कि अगर किराएदार दो महीने तक किराया नहीं दे पाएगा तो मकान मालिक उसे हटा सकेगा। साथ ही अब नए कानून के प्रावधानों के मुताबिक किराएदार घर में बिना पूछे तोडफ़ोड़ भी नहीं कर पाएगा न ही कोई स्थाई या अस्थाई निर्माण कर सकेगा।

नए कानून के लागू हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश में बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख पाएगा। साथ ही मकान मालिक को किराएदार की जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी।

नए कानून के तहत किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा।किराया प्राधिकरण ही संपत्ति में किराएदारी से संबंधित किसी विवाद का निपटारा करेगा।

 

 

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