UP पंचायत चुनाव : वोटर्स को हवाई या ट्रेन टिकट, बिंदिया, नथुनी, पायल, बिछुआ से लुभा रहे प्रत्याशी

 

आपने पंचायत चुनाव मेें नकदी, शराब और साड़ी बांटकर मतदाताओं का वोट बटोरने की तरकीब हर बार देखा होगा। लेकिन इस बार का पंचायत चुनाव पहले से कुछ अलग नजर आ रहा है।

अब प्रत्याशियों ने गांव के वोटर्स को अपने पाले में करने के लिए नगदी की जगह नई तरकीब निकाली है। खासकर महिला मतदाता को लुभाने के लिए तरह-2 के उपहार दिए जा रहे हैं।

दरअसल इस बार यूपी पंचायत चुनाव– 2021 (UP Panchayat Chunav – 2021) में वोटरों (Voters) को लुभाने के लिए उम्मीदवार अब पर्दे के पीछे महिला वोटरों (Women Voters) को लुभाने के लिए साड़ी, चूड़ी, नथुनी, बिंदिया, अंगूठी, पायल और बिछुआ सहित कई तरह के उपहार (Gifts) दिए जा रहे हैं।

इतना ही नहीं, परदेसी मतदाताओं को दिल्ली, मुंबई, सूरत, लुधियाना, जालंधर जैसे दूर के शहरों में नौकरी कर रहे परिवारों को चुनाव में वोट डालने को बुलाने के लिए बस, ट्रेन और हवाई टिकट (Bus, Train and Air Tickets) जैसे प्रलोभन दिए जा रहे हैं। आपको मालूम है कि शराब बांटने का खेल तो पुराना हथकंडा है, जो इस चुनाव में भी धड़ल्ले से चल रहा है।

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यूपी के इस त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दावेदारों ने अब खुलकर हाथ आजमाना शुरू कर दिया है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या साड़ी, चूड़ी, नथुनी, अंगूठी, पायल और बिछुआ से यूपी पंचायत चुनाव का मिजाज बदलने वाला है?

गांव से लेकर शहर तक शादी-विवाह और विदाई जैसे मांगलिक आयोजनों पर भी उम्मीदवारों की पैनी नजर रहती है। बच्चों के जन्मदिन समारोह, मुंडन और इस तरह के कई आयोजनों पर लोग तो मिलते-जुलते ही रहते हैं, लेकिन अब इस मिलने-जुलने के बहाने उम्मीदवारों ने व्यवहार का दौर भी शुरू कर दिया है। गांव-देहात में इस तरह के आयोजन प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं को रिझाने का एक जरिया बनता जा रहा है।

गांव-गांव में होने वाले इस तरह के आयोजनों पर सरकारी तंत्र की खास नजर नहीं पड़ती है। लिहाजा, दावेदार आचार संहिता से बचने के लिए नए-नए प्रयोगों के साथ व्यवहार पहुंचा रहे हैं।

यह व्यवहार नकद कम कीमती वस्तुओं के रूप में ज्यादा नजर आ रहा है। कोई साड़ी गिफ्ट में दे रहा है तो कोई पायल और बिछुआ जैसे उपहार महिला वोटरों को लुभाने के लिए भेज रहा है। ये उपहार परिवार में वोटों के हिसाब से दिए जा रहे हैं। अगर वोट ज्यादा है तो व्यवहार में वजन ज्यादा हो जाता है।

पर्दे के पीछे इस चुनाव में साड़ी, नथुनी, बिंदिया की धड़ल्ले से बांटने की शुरुआत हो गई है। यूपी पंचायत चुनाव में इसकी डिमांड बढ़ जाने से दुकानदारों ने स्टॉक भी बढ़ाना शुरू कर दिया है।

इस समय पूरे यूपी में महिलाओं के श्रृंगार आइटम की डिमांड सबसे ज्यादा हो गई है। नकदी बांटने की चर्चा लगभग हर चुनाव में सुनने को मिलती है, लेकिन इस बार के पंचायत चुनाव में पुराने प्रयोगों के साथ-साथ नए ‘व्यवहार’ भी शुरू किए जा चुके हैं। ऐसे में अब देखना यह है कि प्रशासन इस नए प्रचलन या व्यवहार पर कैसे काबू पाता है।

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