प्रवासी मजदूरों को लेकर जाने वाली ट्रेन जिसे मुम्बई से उत्तर प्रदेश आना था, पहुंच गई ओडिसा

BY- FIRE TIMES TEAM

मुंबई से सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को लेकर चली ट्रेन जिसे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जाना था शुक्रवार को ओडिसा के राउरकेला शहर पहुंच गई।

प्रवासी मजदूर जो सोच रहे थे कि वे अब सही सलामत अपने घर उत्तर प्रदेश पहुंच जाएंगे उन्हें मजबूरन राउरकेला में उतारना पड़ा।

श्रमिक स्पेशल ट्रेन गुरुवार को मुंबई के भायंदर से रवाना हुई थी।

यात्रियों में से एक ने बताया कि उन्हें कानपुर जाना था, इसलिए वह गोरखपुर ट्रेन में चढ़ गया।

उन्होंने कहा, “ट्रेन ने एक लंबा रास्ता तय किया, ट्रेन कब गोरखपुर पहुंचेगी इसका हमें कोई अंदाज नहीं था, जब ट्रेन रुकी हमे लगा कि गोरखपुर आ गया लेकिन जब उतर के देख तो हम लोग राउरकेला में खड़े थे।”

कुछ यात्रियों ने कहा कि राउरकेला में मौजूद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कुछ गलती के कारण मोटरमैन ने अपना रास्ता खो दिया। हालांकि, रेलवे ने कहा कि उसने जानबूझकर मार्ग बदल दिया था।

एक अज्ञात अधिकारी ने बताया, “हमने कुछ रूटों पर श्रमिक ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है। कुछ ट्रेनों को राउरकेला से होकर बिहार के लिए निकाला गया था।”

यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि यात्रियों को सूचित क्यों नहीं किया गया कि मार्ग बदल दिया गया था। गोरखपुर के लिए ट्रेन कब रवाना होगी, इसका भी उन्हें कोई अपडेट नहीं मिला है।

केंद्र द्वारा 25 मार्च को COVID -19 कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र द्वारा एक राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन घोषित किए जाने के बाद हजारों प्रवासी मजदूर अपने काम करने वाले स्थानों में फंसे हुए हैं।

कई प्रवासी मजदूरों सैकड़ो किलोमीटर पैदल ही अपने घर की ओर रवाना हो गए।

मजदूरों को उनके गृहनगर ले जाने के लिए 1 मई को केंद्र ने 300 से अधिक “श्रमिक स्पेशल” ट्रेनें शुरू कीं। लेकिन कोई भी सीधे ट्रेन टिकट बुक नहीं कर सकते हैं। उन्हें पहले मेजबान राज्य की सरकार के साथ पंजीकरण करना होगा, जो तब गृह राज्य की सरकार के साथ समन्वय करती है।

ट्रेनों में चढ़ने के लिए देश भर के रेलवे स्टेशनों पर भीड़ लगी है। हालांकि, कुछ मामलों में पुलिस ने बल का भी प्रयोग किया है।

ट्रेनों के टिकटों की कालाबाजारी की भी शिकायतें मिली हैं। जो टिकट मजदूरों को नहीं मिले, वे 1,500 रुपये के रूप में कीमतों पर बेचे गए।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, भारत में अब तक 3,720 मौतों सहित कोरोनोवायरस के 1,25,101 मामले सामने आए हैं।

देशव्यापी लॉक डाउन 4.0, 31 मई को समाप्त होने वाला है।

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