अस्पतालों द्वारा गैर-कोरोना वायरस रोगियों को भर्ती करने से इंकार करना एक चिंता का विषय, एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश सरकार को जारी किया नोटिस

BY- FIRE TIMES TEAM

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सोमवार को नोएडा में दो महिलाओं के प्रति चिकित्सा उदासीनता के चलते उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें एक महिला की मृत्यु हो गई और एक अन्य ने बच्चे को जन्म दिया।

आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी से चार सप्ताह में अपना जवाब देने को कहा है।

एनएचआरसी ने कहा, “कथित तौर पर, गौतमबुद्ध नगर की घटना में, आठ महीने की गर्भवती महिला की मृत्यु हो गई, जब 13 घंटो तक किसी भी अस्पताल ने उसे एडमिट नहीं किया।”

30 साल की उम्र की पीड़िता को उसके पति द्वारा कम से कम 8 अस्पतालों में ले जाया गया, जिसमें सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं और ग्रेटर नोएडा में एक स्वास्थ्य सुविधा के बाहर उस महिला की 5/06/2020 को एम्बुलेंस में उसकी मौत हो जाती है।”

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एनएचआरसी ने कहा कि दूसरे मामले में, नोएडा जिला अस्पताल ने अगर महिला को भर्ती करने से इनकार नहीं किया होता तो उसका बच्चा अभी भी जीवित होता।

एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि क्या उसने गैर-कोरोना वायरस रोगियों से निपटने के लिए अस्पतालों को कोई मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है या नहीं?

पैनल ने कहा, “आयोग ने समाचार रिपोर्ट देखीं हैं और यदि ये सच हैं तो मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे को उठाती है क्योंकि राज्य प्राधिकरण अपने नागरिकों के जीवन और चिकित्सा देखभाल को सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।”

पैनल ने कहा, “यह माना जाता है कि कोरोना वायरस के प्रसार के साथ अस्पतालों में रोगियों की संख्या काफी अधिक होती जा रही है जिसकी वजह से बुनियादी सुविधाओं में कमी आई है, लेकिन अस्पतालों द्वारा गैर-कोरोना वायरस रोगियों को भर्ती करने से इंकार करना एक चिंता का विषय है।”

5 जून को, 30 वर्षीय नीलम की मौत हो गई, सरकारी अस्पतालों सहित कम से कम आठ अस्पतालों ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया था। वह नोएडा-गाजियाबाद सीमा पर खोड़ा कॉलोनी की निवासी थी।

दूसरे मामले में, एक गर्भवती महिला को एक ऑटोरिक्शा में नोएडा जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल ने कथित तौर पर उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया।

उसके परिवार ने एक एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन इस बीच, महिला ने अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर ही एक बच्चे को जन्म दे दिया।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने घटनाओं के लिए आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला किया था।

यादव ने राज्य सरकार से पूछा, “भविष्य की पीढ़ियों के लिए उसने कितने बिस्तरों की व्यवस्था की है। भाजपा को बताना चाहिए कि उन्होंने कितने अस्पताल बनवाये हैं।”

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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, सोमवार तक उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 10,356 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और 257 लोग अब तक इस बीमारी से मारे गए हैं।

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