राजीव गांधी जन्मदिन विशेषः न चाहते हुए भी राजनीति मेें आने वाले और सबसे युवा प्रधानमंत्री को उनके कामों के लिए आज भी किया जाता है याद

BY – FIRE TIMES TEAM

देश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने नेहरू-गांधी परिवार से ताल्लुक रखने वाले और पायलट से राजनेता बने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का आज जन्मदिन है। राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 मुंबई में हुआ। जब देश को अंग्रेजों से आजादी मिली तो वे महज 3 वर्ष के थे।

राजीव कभी भी राजनीति में कदम नहीं रखना चाहते थे, उनकी चाह सिर्फ एक पायलट बन कर परिवार के करीब रहना था। लेकिन साल 1980 में उनके भाई संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत के बाद परिस्थितियां बदल गईं। संजय गांधी की मृत्यु के बाद खाली हुई अमेठी सीट पर संसदीय उपचुनाव हुआ। जिसमें पहली बार राजीव चुनाव लडे़ और जीतकर संसद पहुंच गये।

31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के कुछ घण्टों बाद ही राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस घटना के दो महीने बाद दिसम्बर 1984 में लोकसभा चुनाव हुए जिसमें 524 में 415 सीटों का भारी बहुमत कांग्रेस को मिला।

भारतीय राजनीति में अब तक के सबसे युवा पीएम के रूप में राजीव गांधी ने 21वीं सदी के आधुनिक भारत के निर्माण की आधारशिला रखी थी। आज हम राजीव गांधी बतौर प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को याद करेंगे, जिसका फायदा आज भी देश के लोग उठा रहे हैं।

मतदाता की उम्र 21 से 18 किया –

पहले देश में वोट देने की न्यूनतम आयु सीमा 21 बरस थी। 61वें संविधान संशोधन 1989 के द्वारा मताधिकार की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया। राजीव गांधी के अनुसार 18 वर्ष के युवा भी अपना जनप्रतिनिधि चुन सकते हैं।

कंप्यूटर क्रान्ति की शुरूआत –

राजीव गांधी को भारत में कम्प्यूटर लाने का श्रेय दिया जाता है। उनका मानना था कि विज्ञान और तकनीकि के माध्यम से ही देश का विकास संभव है। उन्होंने लोगों की पहुंच कम्प्यूटर तक बनाने के लिए पूरी तरह असेम्बल हुए कम्प्यूटर आयात शुरू कराया। इसके अलांवा कम्प्यूटर उपकरणों पर आयात शुल्क भी घटाया जिससे कम कीमत पर कम्प्यूटर उपलब्ध हो सके। ये सभी प्रयास भारत में इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी के मार्ग को प्रशस्त करने का जरिया साबित हुआ।

राजीव गांधी की पहल पर ही दूरसंचार के क्षेत्र में डेवलपमेन्ट के लिए अगस्त 1984 में सेन्टर फॉर डेवलपमेन्ट आफ टेलीमैटिक्स ( सी-डॉट ) की स्थापना की गई।

ग्रामीण बच्चों की निःशुल्क पढ़ाई के लिए नवोदय विद्यालय –

मौजूदा समय में देश में 551 नवाेदय विद्यालय हैं जिसमें करीब 1.80 लाख ग्रामीण बच्चे पढ़ते हैं। निःशुल्क और उत्कृष्ट शिक्षा ग्रामीण बच्चों को भी मिल सके इसके लिए भी राजीव गांधी को ही श्रेय दिया जाता है।

शिक्षा व्यवस्था का विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए साल 1986 में नई शिक्षा नीति भी राजीव सरकार के समय में लागू हुई थी। जिसमें 14 वर्ष के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा शामिल की गई थी। व्यवसायिक और तकनीकि शिक्षा पर जोर दिया गया था। महिलाओं, दिव्यांगों, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान था। और 34 वर्ष बीत जाने के बाद अब नई शिक्षा नीति -2020 आ पाई है।

सप्ताह में दो दिन का अवकाश –

राजीव गांधी ने सरकारी कर्मचारियों के काम करने के घण्टे में 1 घण्टा बढ़ा दिया जिससे ज्यादा काम हो सके। और वर्ष 1989 में सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 5 दिन काम का प्रावधान लागू कर दिया। जिससे सरकारी छुट्टियों को कम किया जा सके।

पंचायत व्यवस्था में सुधार –

सत्ता के विकेन्द्रीकरण के लिए राजीव गांधी ने पॉवर टू द पीपल का आईडिया का प्रयोग देश में पंचायतीराज व्यवस्था को लागू करवाने की दिशा में एक कदम बढ़ाया। राजीव का मानना था कि जब तक देश के निचले तबके तक लोकतंत्र स्थापित नहीं होगा तब तक देश का विकास संभव नहीं हो सकता। इसीलिए उन्होंने साल 1989 में पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए 64वां संविधान संशोधन विधेयक तैयार कराया। जिसे उनकी मौत के बाद नरसिम्हा राव सरकार में 73वां संविधान संशोधन विधेयक पारित करके 1993 में लागू किया गया।

 

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