जब पैदल चलकर 300 से ज्यादा श्रमिक मर गए तब रोजाना चलने जा रही हैं 300 स्पेशल ट्रेनें


BY- FIRE TIMES TEAM


लॉकडाउन के बाद सबसे ज्यादा जिसकी जिंदगी प्रभावित हुई है वह है प्रवासी मजदूर। किसी दिन सड़क दुर्घटना में तो किसी दिन भूख की वजह इनके मरने की खबरें आती हैं।

लॉकडाउन के कारण इन प्रवासी मजदूरों की सहायता करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। सबकुछ बंद होने के कारण यह मजदूर दिल्ली, मुम्बई जैसे महानगरों से हज़ारों किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं।

सरकार की लोगों ने इस बात की आलोचना भी की कि वह इन श्रमिकों के लिए उचित परिवहन की व्यवस्था नहीं कर पाई है। जब रोजाना लाखों श्रमिक पैदल चलने को मजबूर हैं तब सरकार की व्यवस्था पर प्रश्न उठाना लाजमी भी है।

यह भी पढ़ें: लालू प्रसाद ने कोसी के बाढ़ पीड़ितों के लिए मुफ्त ट्रेनें चलाईं, पीयूष गोयल ने किराया लेकर घर पहुंचाया

सरकार ने अब जाकर यह निर्णय लिया है कि वह श्रमिकों को रोजाना 300 ट्रेनें चलाकर उनके घर तक पहुंचाएगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट के माध्यम से बताया कि माननीय प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुसार रेलवे रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन पूरी तरह तैयार है।

रेल मंत्री ने राज्यों से अपील भी की है कि वे सहयोग करें और ट्रेन चलने दें ताकि फंसे हुए मजदूरों को उनके घर पहुंचाया जा सके।

अमित शाह ने एक दिन पहले कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ट्रेनों को राज्य में घुसने नहीं दे रही हैं। इसके जवाब में ममता बनर्जी ने कहा था कि या तो अमित शाह साबित करें नहीं तो जो उन्होंने कहा उसके लिए माफी मांगें।

आपको बता दें कि रेलवे को लेकर केंद सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी राजनीति कर रही हैं। जब केंद्र ने कहा कि मजदूरों से पैसा नहीं लिया जाएगा तो उनसे पैसे वसूल लिए गए।

जब लोगों ने सवाल किया तो सरकार ने अपनी सफाई में कहा कि वह 85% छूट दे रही है। इसका तथ्य यह भी है कि रेलवे पहले से ही यात्री टिकट के लिए सब्सिडी देती आ रही है।

 

About Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.