मध्य प्रदेश: मुस्लिम व्यक्ति ने शिव मंदिर के लिए बनाई संपर्क रहित घंटी

BY- FIRE TIMES TEAM

एक मुस्लिम मैकेनिक, जिसने हिंदू मंदिरों को ध्वनिरहित जनरेटर प्रदान किया था, ने अब मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के एक प्रमुख शिव मंदिर में एक ऐसी घंटी बनाई है जिसे बिना छुए बजाया जा सकता है।

केंद्र के दिशानिर्देशों, के बाद दो महीने बाद जब मंदिर खुले, जिसमें किसी भी व्यक्ति (भक्त या पुजारी) को घंटी छूने की अनुमति नहीं दी गई है (COVID-19 निवारक नियमों के कारण)।

जब 62 वर्षीय मकैनिक नाहरू खान को पता चला कि भक्त या पुजारी घंटी नहीं छू सकते हैं तो उन्होंने मंदसौर में पशुपतिनाथ मंदिर में सेंसर वाली घंटी फिट की है जिसमें घंटी को बिना छुए हाथ के इशारे से ही घंटी को बजाय जा सकता है।

इस अविष्कार की वजह से मंदसौर शहर का पशुपतिनाथ मंदिर मध्य प्रदेश या कहें तो पूरे देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां घंटी को बिना छुए बजाय जा सकता है।

पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी कैलाश पंडित ने कहा, “यह नाहरू खान की ओर से दिया गया एक बेहतरीन उपहार है जो वास्तव में देश की अखंडता को दर्शाता है जिसका हमारे देश को गर्व है।”

पुजारी ने कहा, “यह घंटी एक संपर्क रहित घंटी है जिसे कोई भी व्यक्ति सिर्फ हाथ के इशारे से बजा सकता है बिना घंटी को छुए।”

नाहरु खान से जब पूछा गया कि उन्होंने इस नवाचार की ओर क्या रुख किया।

गर्वित नाहरू खान ने कहा, “हम यह कैसे सिख सकते हैं कि मस्जिदों में तो अज़ान हो ताहि है लेकिन शिव मंदिर में घंटी की ध्वनि सुनाई नहीं दे रही। तो मैंने संपर्क रहित घंटी को बनाने के बारे में सोचा।”

उन्होंने कहा, “मैंने घंटी में सेंसर लगाया और उसे मंदिर में फिट कर दिया अब कोई भी भक्त या पुजारी आसानी से घंटी बज सकता है बिना घंटी को स्पर्श किये। यह मंदिर और इसके भक्तों के लिए मेरा उपहार है।”

कोरोना महामारी के बीच नाहरू खान के द्वारा की गई यह कोई पहली पेशकश नहीं है, कक्षा 3 के बाद से स्कूल छोड़ने वाले नाहरू खान ने लाइट मोटर व्हीकल सैनिटाइजिंग मशीन और मानव स्वच्छता मशीन भी बनाके दी हैं।

इसके अलावा, उन्होंने पिछले दिनों मंदसौर जिले में पशुपतिनाथ मंदिर और नलचा माता मंदिर को ध्वनि रहित बिजली जनरेटर भी दान किए हैं।

इस COVID-19 महामारी के बीच लगभग 2000 लोगों के भोजन की व्यवस्था के लिए उन्होंने एनके इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल्स यूनिट से होने वाली अपनी कमाई भी दान की है।

नाहरू खान ने कहा, “मैं पशुपतिनाथ मंदिर में सेंसर द्वारा संचालित घंटी को विकसित करने के लिए कुछ नहीं चाहता, मैं चाहता हूं कि हम सभी को इस वायरस से बचने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें।”

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