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किसान आंदोलनः केजरीवाल और कैप्टन ने एक दूसरे को बताया धोखेबाज और नौटंकीबाज

BY – FIRE TIMES TEAM

कृषक कानूनों के लागू होने के बाद से पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। कुछ दिनों पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच ट्विटर पर जंग शुरू हो गई थी। वे एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लगा रहे थे।

और अब पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच ठन गई है। सोमवार को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कैप्टन अमरिंदर पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, “कैप्टन जी, मैं शुरू से ही किसानों के साथ था। दिल्ली के स्टेडियम जेल नहीं बनने दिया, केन्द्र के खिलाफ खड़े रहे।”

केजरीवाल ने लिखा, “मैं किसानों का सेवादार बनके उनकी सेवा कर रहा हूं। आपने तो अपने बेटे को ईडी से बचाने के लिए केन्द्र से सेटिंग कर ली है। उपवास पवित्र होता है। जहां आप हैं, वहीं किसानों के लिए उपवास करिए।

आपको बता दें कि किसानों के साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल भी आज उपवास पर रहेंगे।

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा किसानों के समर्थन में सोमवार को अनशन रखने की घोषणा को ‘नाटक’ बताया है।

केजरीवाल को कैप्टन ने कहा, “केजरीवाल सरकार ने 23 नवंबर को कृषि कानूनों में से एक को ‘बेशर्मी’ से अधिसूचित कर किसानों की ‘पीठ में छुरा’ भोंका है। और अब, वे सोमवार को किसानों की भूख हड़ताल के समर्थन में उपवास पर बैठने की घोषणा कर नाटक कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “क्या आपको कोई शर्म नहीं है? ऐसे समय जब हमारे किसान आपके शहर के बाहर की सड़कों पर सर्दी से जूझ रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। आप यही सोच सकते हैं कि कैसे अपने राजनीतिक हितों के लिए इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाया जाए।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “न्याय की मांग में पिछले 17 दिनों से आपके शहर के बाहर बैठे प्रदर्शनकारी किसानों की मदद के लिए कुछ रचनात्मक कार्य करने के बदले आप और आपकी पार्टी राजनीति करने में शामिल हैं।”

सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने न सिर्फ तीन महीनों से अधिक समय से किसानों के आंदोलन का समर्थन किया, बल्कि उसने कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक भी पारित किया।

उन्होंने केजरीवाल को चुनौती दी कि वह अपनी सरकार द्वारा उठाए गए किसी एक कदम का जिक्र करें जो कल्याण के लिए हैं।

सिंह ने आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान के आरोपों को खारिज कर दिया कि पंजाब सरकार ने अडानी ग्रुप के साथ बिजली खरीद सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने न तो ‘अडानी पावर’ के साथ कोई समझौता किया है और न ही राज्य में बिजली खरीद के लिए बोली लगाने वाली निजी कंपनियों से अवगत है।

उन्होंने मान पर निशाना साधते हुए कहा कि मान एक कॉमेडियन हैं और उन्हें कोई भी कभी गंभीरता से नहीं लेता है।

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