साल 2021 तक विकासशील देशों में भारत पर होगा सबसे अधिक कर्जः मूडीज

BY – FIRE TIMES TEAM

कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था में जून तिमाही में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अमेरिका के बाद भारत का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। सोमवार शाम आये जीडीपी के आंकड़ों के हिसाब से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में 24 फीसदी की निगेटिव ग्रोथ दर्ज की गई है।

अब भारत के लिए एक और निराश करने वाली खबर आ रही है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस के अनुसार साल 2021 तक भारत उभरती अर्थव्यवस्था वाले बाजारो में सबसे अधिक कर्ज बोझ वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है। अमेरिकी रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण उभरने वाले बड़े अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि और राजकोषीय गणित पर बड़ा असर पड़ेगा।

मूडीज के अनुसार प्राथमिक घाटा बढ़ने के कारण भारत का कर्ज बोझ 2019 की तुलना में 10 फीसदी तक बढ़ सकता है। इनमें से कुछ पर ऊचे ब्याज के भुगतान का भी बोझ होगा, जिससे उनका कर्ज बोझ और बढ़ेगा। ब्राजील, भारत और दक्षिण अफ्रीका का कर्ज बोझ सबसे अधिक हो सकता है।

मूडीज ने कहा है कि कमजोर वित्तीय प्रणाली और आकस्मिक देनदारी के चलते भारत, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की के लिए कर्ज का यह जोखिम ज्यादा है।

मूडीज ने कहा कि भारत के बैंक एनपीए की समस्या से निपटने के लिए उठाये गये कदमों के बावजूद कमजोर एसेट क्वालिटी की समस्या से जूझ रहे हैं। भारत के सरकारी बैंको की हालत खराब है, जिनकी बैंकिंग सिस्टम एसेट में 70 फीसदी हिस्सेदारी है।

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत में मध्यम अवधि की ग्रोथ और राजकोषीय चुनौती वास्तव में जोखिम के संकेत दे रही है। इससे लगता है कि आने वाले समय में भी सरकार की आमदनी कम रह सकती है।

कमोडिटी, टूरिज्म और अन्य सेक्टर में बड़े एक्सपोजर की वजह से मांग में कमजोरी का प्रोडक्टिविटी पर असर पड़ सकता है।

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