प्रतीकात्मक चित्रः ट्विटर

सरकार को 200 और जनता को 1000 रूपये में मिलेगी कोरोना वैक्सीनः अदार पूनावाला

BY – FIRE TIMES TEAM

नये वर्ष में कोरोना वायरस के टीके को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिलने के बाद जहां प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है, वहीं ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की को-वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलते ही राजनीति भी शुरू हो गई है।

कोरोना वायरस (Corona Virus) वैक्सीन की कीमतों को लेकर लंबे समय से संशय की स्थित बनी हुई थी। लेकिन रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने वैक्सीन की कीमत को लेकर बड़ी बात कही है।

उन्होंने कहा कि सरकार को ऑक्सफोर्ड (Oxford) की वैक्सीन 200 रुपए में दी जाएगी। वहीं, जनता को यह वैक्सीन 1 हजार रुपए में मिलेगी।

पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट में ऑक्सफोर्ट-एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन कोविशील्ड का निर्माण हो रहा है।  गौरतलब है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रविवार को कोविशील्ड को आपातकाली इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।

भारत में जल्द ही टीकाकरण का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए सरकार ने भी तैयारियां कर ली हैं। शनिवार को देश के  सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राई रन किया गया था।

भारत सरकार के अलावा यूरोपीय संघ (European Union) भी वैक्सीन निर्माताओं की मदद के लिए आगे आया है। ईयू ने यह मदद वैक्सीन निर्माण बढ़ाने और वितरण को आसान करने के लिए की है।

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा कि वे हर महीने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन के 50-60 मिलियन डोज बना रहे हैं।

कंपनी ने कहा है कि यह वैक्सीन फाइजर-बायोएनटेक के मुकाबले सस्ती है और ट्रांसपोर्टेशन भी आसान है। खास बात है कि भारत ने 2021 के मध्य तक 130 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है।

कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन के 40-50 मिलियन डोज लगाए जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करने का इंतजार कर रहे हैं।

अगले 7 से 10 दिनों में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी हमें वैक्सीन निर्यात करने की अनुमति नहीं दी है।

जबकि, साऊदी अरब और दूसरे कुछ देशों से हमारे द्विपक्षीय संबंध हैं। हम अगले कुछ हफ्तों में सरकार से अनुमति देने के लिए कहेंगे, ताकि हम 68 दूसरे देशों तक वैक्सीन पहुंचा सकें।

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