नजरिया

डॉ अम्बेडकर ने क्यों कहा- अच्छा संविधान भी अगर खराब लोगों के हाथों में पड़ जाएगा, तो वे उसे खराब कर देंगे?

 आलेख : राजेंद्र शर्मा भारतीय गणतंत्र अपने तिहत्तर साल पूरे करने के बाद आज वास्तव में किस दशा में है, इसकी तस्वीर पूरी करने के लिए, बस इमरजेंसी की याद दिलाया जाना ही बाकी रहता था। और उसकी भी याद चौहत्तरवें गणतंत्र दिवस की ऐन पूर्व-संध्या में बीबीसी की डॉक्यूमेंटरी …

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चमत्कार, दिव्य शक्ति, भूत पिशाच भगाने का दावा लेकिन धीरेंद्र कृष्ण गर्ग को वो कामयाबी नही मिली

मध्यप्रदेश राज्य के छतरपुर जिले के गढा ग्राम में शमशान घाट है. इसी शमशान घाट के पास में गांव समाज की ज़मीन पर भगवानदास गर्ग नाम के व्यक्ति ने रोजी रोटी के लिए हनुमान मंदिर बनाया. भगवानदास गर्ग पूजा अर्चना, भगवत कथा सुनाना और भूत पिशाच भगाने के नाम पैसा …

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गृह मंत्री द्वारा राम मंदिर की तारीख का ऐलान चुनाव देख कर किया गया है?

व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा अरे, अरे, अरे, ये तो गलत बात है। ऐसी-वैसी गलत बात नहीं, बहुत ही गलत बात। गलत बात भी क्या, चोरी है साहब, चोरी। बल्कि दिन-दहाड़े डाका ही कहिए। बताइए, मोदी जी का राम मंदिर अभी बनकर तैयार भी नहीं हुआ है, पर अभी से उसके …

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चुनाव नतीजों ने 2024 के लिए भाजपा की खतरे की घंटी बजा दी है?

आलेख : बादल सरोज यह मार्केटिंग और चीयर लीडर्स चीखाओं का काल है। उन्ही के हाथ में तूती है और गजब की ही बोलती है। इसे बार–बार बजाकर वे इतिहास बदलने की कोशिश तो कर ही रहे हैं, दिनदहाड़े आँखों के सामने घटी घटनाओं को, ताजे घटित हो रहे वर्तमान …

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गुजरात में भाजपा जीती तो हिमाचल और दिल्ली हारी भी है

आलेख : राजेंद्र शर्मा सन् 2022 के ऐन आखिर में हुए तीन बड़े चुनावों में से तीनों में सभी जानते हैं कि बिल्कुल स्पष्ट नतीजा निकला है। यह नतीजा है, गुजरात में भाजपा की, हिमाचल में कांग्रेस की और दिल्ली में, आम आदमी पार्टी की जीत का। यानी कुल मिलाकर …

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अमृत काल: गुजरात मॉडल के साथ अब रामपुर मॉडल भी

 BY- राजेन्द्र शर्मा थैंक यू चुनाव आयोग जी, थैंक यू वेरी मच। थैंक यू गुजरात के नतीजे आने के फौरन बाद, यह एकदम साफ कर देने के लिए कि शाह साहब ने गुजरात में चुनावी सभा में जो 2002 में ‘‘सबक सिखाने’’ की याद दिलायी थी, उसमें आदर्श चुनाव संहिता …

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हिमाचल में पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा चुनाव हुआ और सरकार बदली!

व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा कोई तो इन हिमाचलियों को समझाओ। बेकार की जिद पकड़कर बैठे हुए हैं। कहते हैं कि हमारी यही परंपरा है। आज की नहीं‚ पुरानी परंपरा है। पीढ़ियों से चली आती परंपरा। चुनाव हुआ और सरकार बदली। इस बार भी वही करेंगे। मोदी जी की भी नहीं …

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मोरबी घटना: जिनकी मौत आयी थी, मरम्मत बेहतर होने से टल सकती थी क्या?

 व्यंग्य : राजेन्द्र शर्मा मोरबी का झूला पुल टूटने पर शोर मचाने वाले; पुल टूटने के लिए दोषी कौन-दोषी कौन का शोर मचाने वाले; करीब डेढ़ सौ मौतों में भ्रष्टाचार का हाथ बताने वाले; अब बोलें क्या कहते हैं? अब तो अभागे पुल की मरम्मत करने वाली कंपनी के मैनेजर …

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पुल टूटा नहीं, बस लोहे की रस्सियां खुल गयीं!

  व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा ये लो, कर लो बात। अब पीएम जी का अच्छा पहनना-ओढऩा भी इन भारत विरोधी विपक्षियों की आंखों में खटकने लगा। कह रहे हैं कि मोरबी के झूलते पुल के चक्कर में मौत की बांहों में झूल गए करीब डेढ़ सौ लोगों के लिए पीएम …

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गौतम तो बहाना है, डॉ. अम्बेडकर पर निशाना है

आलेख : बादल सरोज दिल्ली सरकार के एक दलित मंत्री का इस्तीफा सिर्फ दिल्ली तक सीमित घटना नहीं है। इसके लिए जो आधार गढ़ा गया है और मंत्री को इस्तीफ़े के लिए मजबूर करके इस आधार को जिस तरह प्रामाणिकता और स्वीकार्यता देने की कोशिश गयी है, उसमे एक नहीं, …

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