बिहार और उत्तर प्रदेश को मिले दो नए चिड़िया घर

पर्यावरण मंत्री ने देश में 15 चुनिंदा चिड़ियाघरों के वैश्विक मानकों के स्तर पर उन्नयन के लिए 10 साल की दूरदर्शी योजना को विकसित करने में अच्छी प्रगति की सराहना की, जिसमें भारतीय और विदेशी चिड़ियाघरों को एक साथ जोड़ने यानी ‘ट्विन’ करने की उम्मीद है। इसमें परियोजना के हिस्से के रूप में चिड़ियाघरों के आधुनिकीकरण के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र निवेश भी लाना है। मंत्री ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अगले साल की शुरुआत में एक निवेशक शिखर सम्मेलन कराया जाएगा।

राजगीर चिड़ियाघर सफारी, नालंदा, बिहार

07 दिसंबर, 2020 को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की आम सभा की बैठक के दौरान देश के पूर्वी राज्य बिहार में राजगीर चिड़ियाघर सफारी को मान्यता प्रदान की गई। इस चिड़ियाघर विशेष रूप से केवल सफारी बाड़ हैं जो पारंपरिक बाड़ों के विपरीत बंदी जानवरों के लिए बड़ा स्थान उपलब्ध कराता है। चिड़ियाघर में पांच सफारी बाड़े हैं और इसमें एक वॉक-इन का प्रस्ताव है। चिड़ियाघर में शेर, भालू, बाघ, तेंदुआ को रखा जाना है और अन्य जीवों के साथ चित्तीदार हिरण, सांभर जैसे शाकाहारी जानवरों के लिए मिश्रित सफारी का प्रस्ताव है। चिड़ियाघर ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण नालंदा के करीब स्थित है और उम्मीद की जाती है कि यहां अधिक पर्यटक पहुंचेंगे। चिड़ियाघर की स्थापना की निगरानी राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से की गई थी। चिड़ियाघर में जंगली जानवरों को प्राकृतिक दिखने वाले सफारी बाड़ों में रखा जाएगा और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा।

शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राण उद्यान गोरखपुर, उ.प्र.

07 दिसंबर, 2020 को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की आम सभा की बैठक के दौरान शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राण उद्यान, गोरखपुर, यूपी मान्यता दी गई थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य में कुल 9 चिड़ियाघर हो गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा चिड़ियाघर की स्थापना की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की जा रही है। चिड़ियाघर गोरखपुर की आध्यात्मिक भूमि में स्थित है और यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। चिड़ियाघर में पक्षियों, शाकाहारी और मांसाहारी जीवों की कई प्रजातियां रहती हैं। चिड़ियाघर का उद्देश्य प्राकृतिक दिखने वाले बाड़ों के माध्यम से लोगों में जानवरों के प्रति जागरूकता पैदा करना और 4डी थियेटर, बैटरी से चलने वाली ट्रेन और दिव्यांगजन की सुविधा जैसी अत्याधुनिक आगंतुक सुविधाओं के माध्यम से पर्यटकों को लंबे समय तक याद रखे जाने वाले अनुभव का अहसास करना है।

About Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.