बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन ने कहा ‘हम किसान के बेटे हैं, किसानों के साथ हैं’ 

BY- FT
अंबानी-अडानी पक्षधर किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग के साथ किसानों के आंदोलन की एकजुटता में बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन(बिहार) के कार्यकर्ताओं ने ‘हम किसान के बेटे हैं, किसानों के साथ हैं’ के नारे के साथ भागलपुर स्टेशन चौक पर प्रदर्शन किया.
इस मौके पर प्रदर्शन में शामिल छात्र ‘कृषि पर अंबानी-अडानी का कब्जा नहीं चलेगा!’ ‘किसान आंदोलन पर हमला नहीं सहेंगे!’ ‘अंबानी-अडानी के दलाल नरेन्द्र मोदी-मुर्दाबाद! आदि नारे लगा रहे थे.
बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन(बिहार) के सोनम राव और विभूति ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार घोर बहुजन विरोधी और पूंजीपति पक्षधर है. कृषि, उद्योग सहित सरकारी कंपनियों-उपक्रमों,शिक्षा-चिकित्सा आदि को अंबानी-अडानी सहित देशी-विदेशी पूंजीपतियों के हवाले कर रही है. देश को फिर से गुलाम बना रही है.
दोनों नेताओं ने कहा कि किसान खेत-खेती और देश को बचाने के लिए लड़ रहे हैं.संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं.यह लड़ाई हम सब की है.
बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन(बिहार) के अभिषेक आनंद और तनवीर खान ने कहा कि कृषि संबंधी तीन कानूनों को थोपने के साथ मजदूरों को भी बंधुआ हालात में धकेल देने और पूंजीपतियों को मनमानी की छूट देने के लिए श्रम कानूनों को बदल दिया गया है.
निजीकरण की गति भी बढ़ा दी गई है.शिक्षा के क्षेत्र में भी निजीकरण को आगे बढ़ाने नई शिक्षा नीति-2020 के ड्राफ्ट को पास किया है.यह शिक्षा नीति सामाजिक न्याय विरोधी-बहुजन विरोधी है.कुल मिलाकर सब कुछ देशी-विदेशी पूंजीपतियों के हवाले करने और सामाजिक न्याय को भी ठिकाने लगाने की मुहिम को यह सरकार आगे बढ़ रही है.
बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन(बिहार) के राजेश रौशन और अंगद ने कहा कि संविधान में दर्ज सबको सामाजिक
-आर्थिक न्याय की गारंटी के विपरीत संविधान को
तोड़-मरोड़ कर फिर से मनुविधान और लोकतंत्र को कमजोर कर तानाशाही थोपा जा रहा है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.
प्रदर्शन में शामिल थे-अभिषेक आनंद,तनवीर,रूपेश विश्वास, ऋषि राज,रोहित, विभूति, राजेश रौशन, अंगद सहित कई एक.

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